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जातिवाद : देश के लिए 29 मेडल जीतने वाले इंटरनेशनल खिलाड़ी को दी गईं जातिसूचक गालियां !

11:24 AM Jul 12, 2022 IST | Sumit Chauhan
जातिवाद   देश के लिए 29 मेडल जीतने वाले इंटरनेशनल खिलाड़ी को दी गईं जातिसूचक गालियां
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जिसने पार किया 34 किलोमीटर का इंग्लिश चैनल, जो बिना थके अमेरिका के 36 किलोमीटर के कैटलिना चैनल को लांघ गया। जिसने तैराकी में देश के लिए जीते 29 मेडल, जिसने शारीरिक अक्षमता के आगे भी नहीं मानी हार वो खिलाड़ी भारत में जाति के सामने हार गया।

इंटरनेशनल पैरा तैराक के साथ जातिवाद 

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तैराकी में भारत को 4 इंटरनेशनल मेडल जीताने वाले इंटरनेशनल पैरा तैराक सतेंद्र सिंह अपने ही देश में जातिवाद का शिकार हो गए हैं। जिस खिलाड़ी ने भारत में नेशनल लेवल पर 25 मेडल अपने नाम किये, उस खिलाड़ी को जातिसूचक गालियाँ दी जा रही हैं। वो खिलाड़ी जिसे राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक ने सम्मानित किया, उसे जाति के नाम पर अपमानित किया जा रहा है। 

क्या है पूरा मामला ?

एमपी के ग्वालियर में रहने वाले पैरा तैराक सतेंद्र सिंह ने एक ऑडियो क्लिप जारी की है जिसमें एक शख़्स उन्हें और उनके पिता को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहा है। दरअसल सतेंद्र सिंह के पिता ग्याराम जाटव ग्वालियर की स्विफ़्ट सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड का काम करते हैं। FIR की कॉपी में सतेंद्र ने बताया है कि उनके पिता को 7 जुलाई को छुट्टी चाहिए थी क्योंकि उन्हें गाँव में हो रहे पंचायत चुनाव में वोट डालना था। लेकिन प्रबल प्रताप सिंह चौहान नाम के सिक्योरिटी इंचार्ज ने पहले छुट्टी दे दी और फिर अचानक फ़ोन करके उन्हें बुला लिया।

आरोप है कि जब सतेंद्र पिता ने आपत्ति जताई तो आरोप है कि प्रबल प्रताप सिंह चौहान ने उन्हें जातिसूचक गालियाँ दीं और सरेआम अपमानित किया। आरोप है कि जब सतेंद्र सिंह ने प्रबल प्रताप को कॉल करके पिता के साथ की बदसलूकी पर विरोध जताया तो उसने ना सिर्फ़ सतेंद्र को जातिसूचक गालियाँ दी बल्कि धमकी भी दे डाली। 

देश के खिलाड़ी के साथ ऐसा सलूक क्यों ?

एक खिलाड़ी जिसने दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया, उसे उसी के देश में यूँ गालियाँ दी जा रही हैं। सतेंद्र सिंह एक सम्मानित खिलाड़ी हैं और उनका इस तरह से अपमान करना ना सिर्फ़ जातिवादियों की घटिया मानसिकता को उजागर करता है बल्कि इससे एक खिलाड़ी के मनोबल को भी ठेस पहुँचती है। 

SC कमीशन ने लिया स्वत: संज्ञान

सतेंद्र सिंह के साथ हुई इस जातिवादी घटना का सज्ञान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी लिया। एससी कमीशन के चेयरमैन विजय सांपला ने ट्विटर पर लिखा ‘अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य का SC कमीशन ने स्वतः सज्ञान लिया है। एमपी डीजीपी इस मामले की अब तक की कार्यवाही रिपोर्ट तुरंत भेजें। 

अभी तक नहीं हुई आरोपी की गिरफ्तारी ?

सतेंद्र ने ग्वालियर के थाना थाटीपुर में FIR तो दर्ज करवा दी है लेकिन अभी तक आरोपी प्रबल प्रताप सिंह चौहान को गिरफ्तार नहीं किया गया। एक इंटरनेशनल खिलाड़ी के साथ हुए जातिवाद के बावजूद भी आरोपी पर कार्रवाई ना होने पर, एमपी की शिवराज सरकार और एमपी पुलिस पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जाति प्रधान देश में जाति का क्रूर चेहरा 

सतेंद्र को इस साल 31 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए लंदन जाना है लेकिन जिस वक़्त उसे ट्रेनिंग करनी चाहिए, उस वक़्त उसे जातिवाद के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। जाति प्रधान भारत में किसी व्यक्ति के टैलेंट और पहचान से भी ज़्यादा उसकी जाति अहम है और सतेंद्र के साथ हुई ये घटना इस बात का पक्का सबूत है।

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